This summary is not available. Please
click here to view the post.
Post Top Ad
Your Ad Spot
Saturday, March 2, 2019
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-14
अब तक आपने पढ़ा था कि शादी के बीच में लाइट चली जाने से मेरे कजन निहाल ने मेरी चूत में आग लगा दी थी और उसके बाद किसी एक और ने मेरी गांड भी गरम कर दी थी, तभी लाइट आ जाने से मैं चुदासी कुतिया से लंड ढूँढने में लग गई थी. तभी मानकपुर के स्टोर वाला शादी में आ गया और उसके साथ दो नीग्रो और एक सेठ का लौंडा भी आ गया था.
वे सब मुझे अपनी गाड़ी में ले जाना चाहते थे. उधर मेरी चूत की चुदाई का खेल होना तय हो गया था.
अब आगे:
वे सब मुझे अपनी गाड़ी में ले जाना चाहते थे. उधर मेरी चूत की चुदाई का खेल होना तय हो गया था.
अब आगे:
तभी वह लड़का लंबा सा हैंडसम निकल गया और स्टोर वाला मेरे से बोला- थोड़ा जल्दी करो, जिसको कहना हो बता कर और आ जाओ. ज्यादा कुछ नहीं, जल्दी ही एक डेढ़ घंटे में तुझे फ्री कर देंगे. यह शादी तो पूरी रात चलने वाली है.
मैं बोली- ठीक है आप 5 मिनट रुको, मैं मम्मी से बात करके देखती हूं.
मैं बोली- ठीक है आप 5 मिनट रुको, मैं मम्मी से बात करके देखती हूं.
मैं मम्मी के पास गई और बोली- मम्मी मेरा सर दुख रहा है, मुझे आराम करना है.. मैं एक-दो घंटे थोड़ा नींद ले लूं.. फिर आ जाऊंगी.
मम्मी बोली- खाना खा ले, फिर चली जाना.
मैंने झूठ बोल दिया. मैं बोली- अभी अभी थोड़ा केला वगैरह खा चुकी हूं, मैं चली जाऊं?
तो मम्मी बोलीं- किसी को साथ ले ले.
मम्मी बोली- खाना खा ले, फिर चली जाना.
मैंने झूठ बोल दिया. मैं बोली- अभी अभी थोड़ा केला वगैरह खा चुकी हूं, मैं चली जाऊं?
तो मम्मी बोलीं- किसी को साथ ले ले.
मैंने वहीं खड़े अंकित को आवाज दी- अंकित भैया इधर आना.. मेरे साथ चलो, मुझे थोड़ा घर तक पहुंचा दो, फिर चले आना. मुझे जरा आराम करना है.
मैंने अंकित को बुलाया और मम्मी से बोली- मैं जा रही हूं.
मम्मी बोलीं- ठीक है.. अंकित इसे ले जा.. और इसे एक-दो घंटे में, जब शादी स्टार्ट हो जाए, तो उठा देना.
अंकित बोला- ठीक है मौसी मैं उठा लाऊंगा.
मैंने अंकित को बुलाया और मम्मी से बोली- मैं जा रही हूं.
मम्मी बोलीं- ठीक है.. अंकित इसे ले जा.. और इसे एक-दो घंटे में, जब शादी स्टार्ट हो जाए, तो उठा देना.
अंकित बोला- ठीक है मौसी मैं उठा लाऊंगा.
मैंने अंकित को बोला- मुझे तुम्हारी हेल्प चाहिए है.. प्लीज मना नहीं करना. तुम जो कल बोलोगे, मैं करूंगी, पर अभी मुझे थोड़ी सी हेल्प चाहिए.
तो वह बोला- बता तो, तेरे लिए तो कुछ भी करेंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा.
मैं बोली- अंकित मेरे फ्रेंड मुझसे मिलने बाहर से आए हुए हैं.. वे दूर से आये हैं. तू साथ में चल और हां मेरे साथ पास में ही बने रहना. एक-दो घंटे जो भी समय लगे, मेरे साथ ही रहना. मैं उनसे ठीक से मिल लूंगी, तो वास आ जाऊंगी.
तो वह बोला- बता तो, तेरे लिए तो कुछ भी करेंगे और किसी को पता भी नहीं चलेगा.
मैं बोली- अंकित मेरे फ्रेंड मुझसे मिलने बाहर से आए हुए हैं.. वे दूर से आये हैं. तू साथ में चल और हां मेरे साथ पास में ही बने रहना. एक-दो घंटे जो भी समय लगे, मेरे साथ ही रहना. मैं उनसे ठीक से मिल लूंगी, तो वास आ जाऊंगी.
उसने मेरी तरफ आंख मारी और बोली- वही वाले फ्रेंड हैं क्या, तेरे को अपना काम और उनका काम दोनों का फिट करना है न?
मैं मुस्कुरा कर बोली- कुछ ऐसे ही समझ ले.. अब तुझसे क्या छुपाना, तुझसे तो सब ओपन हो चुका है.
वह तैयार हो गया. बोला- चल चलता हूं तेरी हेल्प कर देता हूं, पर कल तू मुझे भी खुश कर देना.
मैं बोली- पक्का वादा.. जो तू बोलेगा वह कल करूंगी.
मैं मुस्कुरा कर बोली- कुछ ऐसे ही समझ ले.. अब तुझसे क्या छुपाना, तुझसे तो सब ओपन हो चुका है.
वह तैयार हो गया. बोला- चल चलता हूं तेरी हेल्प कर देता हूं, पर कल तू मुझे भी खुश कर देना.
मैं बोली- पक्का वादा.. जो तू बोलेगा वह कल करूंगी.
डीजे के पास, जो स्टोर वाला खड़ा था, मैं उसके पास गई और बोली- यह मेरा दोस्त है और इसी की गारंटी में मम्मी ने मुझे भेजा है, तो यह भी साथ ही रहेगा.. बाकी ये कोई डिस्टर्ब नहीं करेगा, वरना अकेले मैं निकल नहीं पाऊंगी.
तो वह बोला- कोई दिक्कत नहीं है, मुझे पता है कि रात में कोई ना कोई साथ चलेगा ही.. अच्छा है.. कोई बात नहीं तुम्हारे फ्रेंड को भी हम खुश कर देंगे.
तब मैं उससे बोली- एक्चुली यह मेरी मौसी का बेटा है, फ्रेंड नहीं है.
तो स्टोर वाला बोला- कोई बात नहीं है.. यार इसे तेरी जानकारी है तो चलो और भी ठीक है.. अब कोई दिक्कत नहीं होगी.
तो वह बोला- कोई दिक्कत नहीं है, मुझे पता है कि रात में कोई ना कोई साथ चलेगा ही.. अच्छा है.. कोई बात नहीं तुम्हारे फ्रेंड को भी हम खुश कर देंगे.
तब मैं उससे बोली- एक्चुली यह मेरी मौसी का बेटा है, फ्रेंड नहीं है.
तो स्टोर वाला बोला- कोई बात नहीं है.. यार इसे तेरी जानकारी है तो चलो और भी ठीक है.. अब कोई दिक्कत नहीं होगी.
वह आगे आगे चल दिया. मैं और अंकित उसके पीछे पीछे चल दिए. गेट के बाहर निकले तो थोड़े ही दूर बगल से एक वाइट कलर की फार्च्यून खड़ी थी. उसका गेट स्टोर वाले ने खोला और अंकित को बोला कि पहले तुम अन्दर जाकर पीछे बैठ जाओ.
फिर मुझसे बोला- वन्द्या तुम बीच में बैठ जाना.
मैं बोली- ठीक है.
फिर मुझसे बोला- वन्द्या तुम बीच में बैठ जाना.
मैं बोली- ठीक है.
अंकित घुसा और अन्दर पीछे वाली सीट में बैठ गया. मैं अन्दर जैसे ही घुसी.. मैंने देखा बीच वाली सीट में दो बहुत लंबे लंबे करीब सात-सात फिट के बिल्कुल काले सांड जैसे नीग्रो बैठे थे. मैंने हकीकत में इस तरह के आदमी नहीं देखे थे. सिर्फ ब्लू फिल्म की जो चुदाई के वीडियो होते हैं, उसमें चुदाई करते देखे थे. पर अब मेरी आंखों के बिल्कुल सामने ही वह मौजूद थे. उनके साथ वही हैंडसम सा लड़का था और ड्राइवर के बगल से आगे वाली में वह स्टोर वाला बैठ गया था.
जो हैंडसम लड़का था, उसने अपना नाम पुनीत बताया और ड्राइवर को बोला कि यहां से गाड़ी जल्दी निकालो.
ड्राइवर ने गाड़ी को स्टार्ट किया और वहां से हटाकर थोड़ी दूर, लगभग आधे किलोमीटर पर ले जाकर खड़ी कर दिया.
ड्राइवर ने गाड़ी को स्टार्ट किया और वहां से हटाकर थोड़ी दूर, लगभग आधे किलोमीटर पर ले जाकर खड़ी कर दिया.
उस समय लगभग रात के 11:00 बज रहे थे. मैं बिल्कुल आश्चर्य में थी, मुझे तीनों ने बीच में बैठा लिया था. वे मुझे एकटक घूर रहे थे. मेरे सामने जो नीग्रो दोनों थे, उनको हिंदी नहीं आती थी. वह उस हैंडसम लड़के पुनीत से इंग्लिश में बात कर रहे थे.
पुनीत मुझसे बोला कि तुम बहुत कातिल और कयामत माल हो.. अगर तुम हमारे साथ चले चलोगी तो तुम्हें हम बाहर भी ले चलेंगे.
फिर पुनीत ने पूछा- तेरे साथ ये लड़का कौन है?
तो वह आगे बैठा स्टोर वाला बोला कि वन्द्या का कजिन ब्रदर है, इसी के साथ मम्मी ने इसको आने दिया है, नहीं तो पॉसिबल नहीं था. इस लड़के को सब कुछ पता है.. ये इसके साथ पूरा ओपन है.. सर जी आप इसको भी कुछ कर दीजिएगा.
तो पुनीत ने बोला- ओके कोई प्रॉब्लम नहीं है. चलो अब स्टार्ट करते हैं लेकिन वह जगह कौन सी है.
अंकित बोला- कहां जाना है?
तो वही स्टोर वाला बोला- यहीं पर शंभूदीन त्रिपाठी का मकान है, वहीं पर उनसे बात हुई है.
अंकित पीछे से बोला- हां मैं शम्भूदीन अंकल को जानता हूं, बगल से आगे थोड़ी दूर पर ही मकान है.. उनके यहां चलना है.. कोई दिक्कत नहीं.
फिर पुनीत ने पूछा- तेरे साथ ये लड़का कौन है?
तो वह आगे बैठा स्टोर वाला बोला कि वन्द्या का कजिन ब्रदर है, इसी के साथ मम्मी ने इसको आने दिया है, नहीं तो पॉसिबल नहीं था. इस लड़के को सब कुछ पता है.. ये इसके साथ पूरा ओपन है.. सर जी आप इसको भी कुछ कर दीजिएगा.
तो पुनीत ने बोला- ओके कोई प्रॉब्लम नहीं है. चलो अब स्टार्ट करते हैं लेकिन वह जगह कौन सी है.
अंकित बोला- कहां जाना है?
तो वही स्टोर वाला बोला- यहीं पर शंभूदीन त्रिपाठी का मकान है, वहीं पर उनसे बात हुई है.
अंकित पीछे से बोला- हां मैं शम्भूदीन अंकल को जानता हूं, बगल से आगे थोड़ी दूर पर ही मकान है.. उनके यहां चलना है.. कोई दिक्कत नहीं.
अंकित ने ही ड्राइवर को रास्ता बताया और ड्राईवर ने गाड़ी आगे बढ़ा दी.
वहां से लगभग 200 मीटर की दूरी पर ही मकान था, ड्राईवर ने आगे ले जाकर गाड़ी उधर लगा दी.
स्टोर वाला गाड़ी से उतर गया, उसने फोन करके किसी को बुलाया, तो कोई एक अंकल गाड़ी के करीब आ गए. उन्होंने बोला- मैं ऊपर चला जाता हूं. आप लोग नीचे आराम से रेस्ट कर लीजिए. उन्होंने चाबी दे दी और चाबी देकर बगल वाली सीढ़ी थी, वे उससे ऊपर चले गए. स्टोर वाले ने नीचे का गेट खोला, फिर वो गाड़ी के पास आ कर हम लोगों से बोला- आ जाइए.. कोई दिक्कत नहीं है.. अपन जब तक चाहें, इस घर में आराम से रुके रहेंगे.. बिल्कुल घर की तरह ही है.
गाड़ी का गेट खुल गया. वे दोनों नीग्रो भी नीचे उतरे और सब लोगों के साथ अंकित भी नीचे उतर आया. सब अन्दर आ गए. मैंने देखा कि वो दोनों नीग्रो बहुत बड़े-बड़े थे, उनमें से एक की उम्र तो करीब 45 के ऊपर रही होगी और दूसरे की लगभग 30 साल. वह जो हैंडसम सा उनीत नाम का सेठ लड़का था. उसकी भी उम्र वही 30 के आस पास थी.
मैं उनके साथ अन्दर चली गई. गेट अन्दर से बंद कर दिया गया. मैं अन्दर गई तो देखा अन्दर 3 बेडरूम थे.. बाहर एक हॉल था. बाहर की तरफ जो हाल था उसमें सोफा और दीवान रखे थे.
उन लोगों ने अंकित और उस स्टोर वाले को बोला- आप दोनों यहीं पर आपस में बातचीत करो, हम थोड़ी देर अन्दर वन्द्या से पर्सनल मीटिंग कर लेते हैं.
तो वही स्टोर वाला अंकित से बोला- हां.. आओ हम दोनों यहीं बैठते हैं, इन लोगों को जाने दो.
तो वही स्टोर वाला अंकित से बोला- हां.. आओ हम दोनों यहीं बैठते हैं, इन लोगों को जाने दो.
वे मुझे लेकर अन्दर वाले कमरे में आ गए, उसमें एक डबल बेड लगा हुआ था. पुनीत ने उस बेडरूम का दरवाजा भी बंद कर दिया. वहां पर अन्दर कमरे में वे तीनों लोग मतलब दोनों नीग्रो और वह हैंडसम सा पुनीत बैठ गए.
हैंडसम लड़का अन्दर कमरे में आते समय हाथ में एक बैग लेकर आया था. वो एक थैला सा था, जिसमें एक दारू की बोतल और पानी सोड़ा स्नेक्स वगैरह था. उसने सब निकाला और वहीं पर रख दिया. वह नीग्रो आपस में कुछ इंग्लिश में बात कर रहे थे.
तभी एक नीग्रो मेरे नजदीक आया और मेरी कमर को पकड़ कर मेरी तरफ हुआ. उसकी हाइट में मैं कमर से थोड़ा ऊपर ही थी, वे बहुत लंबे थे. मुझे थोड़ी घबराहट लग रही थी, पर इस समय मेरा बहुत ज्यादा मन था, इसलिए निडर होकर उनके साथ आ गई थी. तब भी मुझे कुछ अजीब सा डर भी लग रहा था. फिर पुनीत ने उन दोनों का मुझे नाम भी बताया. एक का नाम गैब्रियल और दूसरा का मैक था.
पुनीत ने मुझसे बोला- ड्रिंक ले लो.
मैंने मना कर दिया- नहीं, मैंने कभी नहीं ली.
तो पुनीत ने बोला- आज थोड़ा ले लो.. बहुत एन्जॉय होगा.. यह कोई आम दारू नहीं है.. यह स्काच है.
मैं बोली- चाहे जो भी हो, मैं नहीं लूंगी.
वो बोला- ठीक है.
मैंने मना कर दिया- नहीं, मैंने कभी नहीं ली.
तो पुनीत ने बोला- आज थोड़ा ले लो.. बहुत एन्जॉय होगा.. यह कोई आम दारू नहीं है.. यह स्काच है.
मैं बोली- चाहे जो भी हो, मैं नहीं लूंगी.
वो बोला- ठीक है.
फिर उन लोगों ने जो नीग्रो थे, ड्रिंक बनाए.. और चियर्स बोल कर चुस्की ली. फिर उन तीनों ने अपनी टी-शर्ट उतार दी और ऐसे ही खुले सीने में आ गए. मैं चुदासी सी बेड पर बैठी उन लोगों को देख रही थी.
फिर एक नीग्रो ने बेड में आकर मेरी तरफ देख कर स्माइल किया और मेरे चेहरे को पकड़कर मेरे होंठों को किस कर दिया. मैं उसके सामने बिल्कुल नाजुक कली सी लग रही थी. उसने मुझे पकड़ के उठा लिया और बेड में लेट गया. उसके बगल में मैं हो गई, मेरी तरफ बांहें डालकर वो मेरे होंठों को जमके चूमने लगा. यह जो चूमाचाटी कर रहा था, वो गैब्रियल था. उसकी एज 45 के आसपास थी. उसकी मदिरा से लिप्त सांसें मेरी सांसों में टकरा रही थीं. पहली बार किसी विदेशी ने, वह भी नीग्रो ने मुझे टच किया था. उसके किस करने का, होंठों को चूमने का स्टाइल ही अलग था. उसने मुझे चूमने के साथ ही मुझे अपनी ओर जोर से बांहों में खींच कर मुझे भर लिया. वो नॉन स्टॉप मेरे होंठों को चूस रहा था.
तभी मैंने महसूस किया कि मेरी टांगों के बीच में ही उसका लौड़ा धीरे धीरे खड़ा होने लगा. उसने मेरा हाथ ले जा कर अपनी पैंट की ज़िप पर रखवा दिया. जैसे ही मैंने एहसास किया, एक बहुत ही बड़ा लंड का उभार मेरे हाथ से स्पर्श कर रहा था. तभी वो मेरे सीने को अपने हाथों से दबाने लगा. मेरे बूब्स उसके लिए बहुत छोटे छोटे से थे, फिर भी उसने कस के मेरे एक दूध को दबा दिया.
अब जो दूसरा नीग्रो था, मैक वह आया और मेरे पीछे तरफ लेट गया. उसने तो उसने मेरे पिछवाड़े में आकर अपनी कमर चिपका दी और बोला- ओह बेबी कम ऑन.
वो मेरी पीठ को और पेट को चूमने लगा. उसके एक हाथ में ड्रिंक का ग्लास था, वो एक हाथ से ड्रिंक ले रहा था और दूसरे हाथ से मुझे चूम रहा था.
वो मेरी पीठ को और पेट को चूमने लगा. उसके एक हाथ में ड्रिंक का ग्लास था, वो एक हाथ से ड्रिंक ले रहा था और दूसरे हाथ से मुझे चूम रहा था.
इधर वह मेरे होंठों को चूसे जा रहा था. मैं बिल्कुल पागल हुई जा रही थी. मैंने मुँह खोल दिया तो उसने अपनी जीभ मेरे मुँह के अन्दर डाल दी. वो नीग्रो मेरी जीभ से अपनी जीभ टच कराने लगा. फिर उसने मेरी जीभ निकालकर बाहर की.. और जीभ चूसने लगा.
इससे मुझे बहुत ही गर्मी आने लगी.
तभी वह जो पीछे मैक था, वह अपना पैंट खोलने लगा और जल्द ही वह अंडरवियर में आ गया. उसका अंडरवियर बहुत शार्ट था.
गैब्रियल मेरे होंठों को चूस रहा था. उसने बोला- यू आर वेरी सेक्सी वन्द्या.
यह कह कर उसने भी एक ग्लास उठा लिया और एक बार में ही पूरा ड्रिंक गटक कर अपनी पैंट उतार दी. उसने मेरे चोली को अपनी मुट्ठी में भरके इतना कस के दूध दबाया कि मैं बिलख पड़ी.
यह कह कर उसने भी एक ग्लास उठा लिया और एक बार में ही पूरा ड्रिंक गटक कर अपनी पैंट उतार दी. उसने मेरे चोली को अपनी मुट्ठी में भरके इतना कस के दूध दबाया कि मैं बिलख पड़ी.
तभी पुनीत ने बोला- वन्द्या, आज तुम भी ऐसे ही अपनी लाइफ को एंजॉय करना.. फिर ऐसे पल नहीं मिलेंगे.
मैं बोली- आराम से करना.. बस मुझे बहुत एन्जॉय करना है.
मैं बोली- आराम से करना.. बस मुझे बहुत एन्जॉय करना है.
इसके बाद मैंने एक नीग्रो को देखा तो उसने अपने अंडरवियर को उतार कर अपना लौड़ा बाहर कर दिया और मेरे मुँह के पास ला दिया. वो बोला- सक माई काक..
मैंने उसके लंड को मुँह में लेने की कोशिश की, पर घुस नहीं रहा था. इतने में दूसरा जो था, उसने मेरी कमर को पकड़ कर बोला- यू आर फकिंग गर्ल.
वो मेरे ऊपर आ गया. उसका बड़ा सा लंड मेरी जांघों में चुभ रहा था.
मैंने उसके लंड को मुँह में लेने की कोशिश की, पर घुस नहीं रहा था. इतने में दूसरा जो था, उसने मेरी कमर को पकड़ कर बोला- यू आर फकिंग गर्ल.
वो मेरे ऊपर आ गया. उसका बड़ा सा लंड मेरी जांघों में चुभ रहा था.
अब गैबरियल ने मुझे सीधा लिटा दिया और मेरे पैरों से मुझे चूमना शुरू कर दिया. मेरे एक-एक अंग को वह जमके चूसने लगा और बोला कि आई विल सक यू फर्स्ट.. देन फक यू हार्ड.
वह हिंदी नहीं बोल सकता था, मैं समझ गई. वो धीरे धीरे मेरे तलवों को होंठों से चाटने लगा और फिर मेरी टांगों को चाटते हुए धीरे-धीरे अपने हाथ से मेरे लहंगा को ऊपर करने लगा. जैसे जैसे ऊपर करता जा रहा था. मेरे सीने की धड़कन बढ़ती जा रही थी. उसने मेरे लहंगे को जांघों तक ला कर चढ़ा दिया था. वो मेरी नंगी जांघों को सहलाते हुए चाटने लगा. फिर उसने मेरे लहंगे को मेरी कमर तक पहुंचा दिया.
उसने देखा कि मेरे नीचे पैंटी नहीं है क्योंकि द्वारपूजा में निहाल ने मेरी चड्डी को उतार कर फेंक दिया था.
पुनीत खड़े खड़े ये सब देख रहा था. वो बोला- वन्द्या, तुम तो बिल्कुल कयामत हो.. पहले से ही चुदने की तैयारी में थी.. क्या पेंटी नहीं पहनती हो?
तो मैं बोली- हां, मेरी आदत नहीं है … मैं नीचे पेंटी कम ही पहनती हूं.
तो मैं बोली- हां, मेरी आदत नहीं है … मैं नीचे पेंटी कम ही पहनती हूं.
तो वह एकदम से आहें भरने लगा और तभी जो दूसरा नीग्रो मैक था, वह सामने से मेरे ऊपर तरफ आ गया और मेरे सीने को और नाभि को चूमने लगा. पुनीत और गैब्रियल ने भी साथ में अपने अपने अंडरवियर सहित सारे कपड़े उतार कर एकदम नंगे हो गए. तीनों के सामान यानि लंड मेरे आंखों के सामने थे.
मैक और गैब्रियल के लंड तो मेरे हाथ के बराबर मोटे और लंबे थे. थोड़ा बहुत अंतर रहा होगा. पुनीत का भी बहुत लंबा था, पर फिर भी गैब्रियल से आधा था.
अब तीनों ने एक साथ दारू का पैग बनाया और चियर्स करके कुछ इंग्लिश से बोले, पर पुनीत ने हिंदी में बोला कि वन्द्या आज यह पैग तेरी मस्त चुदाई के नाम है.. तू इन दो-तीन घंटे की चुदाई को अपनी सारी लाइफ में याद करेगी. ये दोनों शेर तुझे इतना बेस्ट और अच्छे से फुल वाइल्ड तुझे चोदेंगे और फुल सेटिस्फाइड करेंगे कि तेरी सब तमन्ना पूरी हो जाएगी. यदि मन हो तो अभी भी वक्त है, एक दो पैग मार ले.. तुझे जरा भी दर्द नहीं होगा, सिर्फ मजा ही मजा आएगा.
मैंने मना कर दिया. मैं बोली- मैं पियूंगी नहीं.. जो भी दर्द होगा, सब सहन कर लूंगी.. उसकी चिंता आप मत करिए.
मैंने मना कर दिया. मैं बोली- मैं पियूंगी नहीं.. जो भी दर्द होगा, सब सहन कर लूंगी.. उसकी चिंता आप मत करिए.
इस तरह से तीनों एक साथ ही उस डबल बेड में आ गए. गैब्रियल ने मेरे सीने में हाथ से धक्का देकर मुझे बेड में गिरा दिया और अपने दोनों बाजू इधर उधर करके मेरे ऊपर चढ़ गया. जब उसने अपनी बॉडी लगभग एक फीट मेरे ऊपर किया हुआ था, तभी उसका लौड़ा मेरे पेट में टच कर रहा था. गैबरियल का लौड़ा बहुत ही बढ़ा और तना हुआ था.
गैब्रियल मेरे सीने को चोली के ऊपर से ही टच करके चूमने लगा. वो मेरी चोली को धीरे धीरे अलग ही अंदाज में खोलने लगा. मैंने आज दूधों के ऊपर पैड लगा रखे थे, जैसे ही उसने चोली की बद्धियां और हुक खोला, तो मेरी ब्रा के अन्दर जो पैड फिट थे. उसने पैड सहित मेरे दूधों को कस के दबा दिया और फिर एक ही झटके में ब्रा को ताकत से खींच दिया, जिससे ब्रा की बद्धियां टूट गईं.
इसके बाद वो सीधे मेरे ऊपर चढ़ गया. गैब्रियल का जो लोहे के रॉड जैसा लौड़ा था, वह मेरी जांघ और पेट में रगड़ खाने लगा. उसने मेरे होंठों को चूम लिया. फिर मेरा नाम लेकर बोला- वन्द्या योर नोज इज वेरी सेक्सी.
वो मेरी सुतवां नाक को अपने मुँह में डालकर चूसने लगा. मैं खुद नहीं समझ पाती हूँ कि सबको मेरी नोज ही क्यों इतनी पसंद आती है.
वो मेरी सुतवां नाक को अपने मुँह में डालकर चूसने लगा. मैं खुद नहीं समझ पाती हूँ कि सबको मेरी नोज ही क्यों इतनी पसंद आती है.
करीब दो-तीन मिनट मेरी नाक को चूसता और चाटता रहा. फिर मुझसे लिपट के खुद गैब्रियल नीचे हो गया और मुझे उठा के अपने ऊपर कर दिया.
उसने मुझे बांहों में अपनी जकड़ लिया था. इतने में जो गैबरियल के जैसा ही उसका नीग्रो साथी मैक था, वह पीछे से मेरी पीठ की तरफ आ गया और मेरी पूरी नंगी पीठ में अपना हाथ चलाने लगा. फिर वो अपनी जीभ से मुझे पीछे से मेरे कूल्हों को और पीठ को चाटने लगा.
उसके बाद तभी पुनीत ने अंग्रेजी में मैक से बोला, तो मैक ने मेरे लहंगा को मेरी कमर से खींचते हुए पूरा नीचे कर दिया. अब मैं पूरी नंगी गैब्रियल के ऊपर लेटी थी और मैक मेरे पीठ और कूल्हों को चाट रहा था.
मैं बिल्कुल मदहोश होती चली जा रही थी. इतने में मैक मेरे कूल्हों को फैला कर मेरी गांड को अपनी जीभ से चाटने लगा और मेरी गांड में अपने नाक भी रगड़ने लगा. उसकी इस हरकत से मैं बिल्कुल मदहोश और पागल होने लगी.
मैंने गैब्रियल के मुँह में अपने आप ही अपनी जीभ डाल दी और बहुत जोर से उसे किस करने लगी. इतने में मैक मेरी कमर पर हाथ डाल कर मुझे थोड़ा ऊपर करके मेरे पीछे से ही मेरी तरफ अपना सर डालकर मेरी चूत को भी जोर से चाटने लगा.
मेरी चूत को पहली बार इस तरह से कोई ने चाटा था. मैं बिल्कुल उछल पड़ी. मैक की जीभ बहुत लंबी थी. चूत की सुराख में ऊपर से ही मेरी चूत की जो क्लिट है, उस पर वो अपनी जीभ को जोर जोर से अन्दर बाहर करके रगड़ने लगा.
मैं पहले से चूत की आग से तप्त थी.. अब तो बिल्कुल पागल होने लगी. तभी मैक ने गैब्रियल को अंग्रेजी में कुछ बोला और मुझे उठा कर बैठा दिया. फिर मैक अपना लौड़ा मेरे बाल पकड़कर मेरे मुँह में रगड़ने लगा और मुझे अपनी भाषा में बोला- सक बेबी.
मेरी चूत को पहली बार इस तरह से कोई ने चाटा था. मैं बिल्कुल उछल पड़ी. मैक की जीभ बहुत लंबी थी. चूत की सुराख में ऊपर से ही मेरी चूत की जो क्लिट है, उस पर वो अपनी जीभ को जोर जोर से अन्दर बाहर करके रगड़ने लगा.
मैं पहले से चूत की आग से तप्त थी.. अब तो बिल्कुल पागल होने लगी. तभी मैक ने गैब्रियल को अंग्रेजी में कुछ बोला और मुझे उठा कर बैठा दिया. फिर मैक अपना लौड़ा मेरे बाल पकड़कर मेरे मुँह में रगड़ने लगा और मुझे अपनी भाषा में बोला- सक बेबी.
अब सच में मैं बहुत एक्साइटेड थी, तो उसका लौड़ा अपने हाथ में पकड़ कर अपनी जीभ से मैक के लंड का सुपाड़ा चाटने लगी. बहुत मोटा और गर्म सुपारा था. मेरे मुँह में ठीक से जा ही नहीं पा रहा था. तब भी मैंने पूरा मुँह खोल दिया और जोर से लंड की चमड़ी को खोल कर उसका सुपारा चूसने लगी, चाटने लगी. इधर मेरी कमर से मुझे उठाकर गैब्रियल मेरी चूत को पकड़ कर अपनी जीभ से चाटने लगा और हल्के हल्के से उंगली भी डालने लगा. मैं बहुत पागल हुई जा रही थी.
तभी पुनीत भी आ गया और मेरी एक साइड में मैक के बगल से खड़ा हो गया. वो बोला- वन्द्या तू बहुत मस्त लगती है.. तेरी चूत भी बहुत सेक्सी लगती है. तू पागल कर देगी, तेरा लुक बहुत हॉट है. हम लोग बहुत लकी हैं. अब ले ये मेरा भी लंड चूस.
मैं तुरंत पुनीत का लंड पकड़ कर सहलाने लगी. उसका लंड थोड़ा छोटा था.. मैंने उसके लंड को अपने मुँह में पूरा भर लिया और चूसने लगी.
तभी गैब्रियल मेरी चूत में अपनी उंगली डालकर जोर से अन्दर बाहर करने लगा. मैं पुनीत और मैक दोनों का लौड़ा बारी बारी से चाटने चूसने लगी. करीब आधे घंटे इतना गैब्रियल ने मेरी चूत को चूसा और चाटा और मैंने मैक और पुनीत के लंड को चूसा और चाटा कि हम चारों मदहोश और पागल हो चुके थे.
गैब्रियल ने मेरी चूत में इतनी उंगली की थी कि मैं चिल्लाने भी लगी थी.
मैं बोली- पुनीत कुछ करो, अब मुझसे रहा नहीं जा रहा. मैं लंड के लिए बिल्कुल पागल हो रही हूं.. मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा.. मुझे जम के चोदो.
तभी पुनीत ने अंग्रेजी में उन लोगों को बोला- फ्रेंड्स.. नाओ सी नीड फकिंग..
तभी पुनीत ने अंग्रेजी में उन लोगों को बोला- फ्रेंड्स.. नाओ सी नीड फकिंग..
दोनों ने अपने अपने अपने लंड मेरी तरफ कर लिए. पुनीत बोला- तू बहुत चुदासी हो गई है, तेरी चूत को आज हम तीनों चोदकर भोसड़ा बना देंगें.
वो मेरे को बोला- बता तीनों एक साथ चोदें या एक एक करके लेगी?
मैं उस समय बिल्कुल मदहोश पागल और बेहोश थी. मैं बोली- हां तीनों एक साथ डाल दो.. मुझसे नहीं रहा जा रहा.. मैं तुम तीनों का लंड एक साथ ले लूंगी.. तुम बिल्कुल चिंता नहीं करो. मुझसे अब नहीं रहा जा रहा है.. मुझे जल्दी चोदना शुरू करो.
वो मेरे को बोला- बता तीनों एक साथ चोदें या एक एक करके लेगी?
मैं उस समय बिल्कुल मदहोश पागल और बेहोश थी. मैं बोली- हां तीनों एक साथ डाल दो.. मुझसे नहीं रहा जा रहा.. मैं तुम तीनों का लंड एक साथ ले लूंगी.. तुम बिल्कुल चिंता नहीं करो. मुझसे अब नहीं रहा जा रहा है.. मुझे जल्दी चोदना शुरू करो.
ये सुन कर तीनों ने मेरे साथ करना शुरू करने के लिए मुझे उठाया. गैब्रियल खड़ा हो गया. उसने मुझे गोदी में उठाकर कहा- सी इज लाइक व्हिच..
उसने मुझको उल्टा कर अपने बगल से बेड में लिटा दिया और मेरी चूत को हथेली से थप थपाया कर बोला कि वन्द्या यू आर सो हॉट गर्ल.. आई विल रॉक यू बेबी.
ये कह कर ही उसने मेरी चूत को जोर से चाट कर अपना लंड टच करा दिया
ये कह कर ही उसने मेरी चूत को जोर से चाट कर अपना लंड टच करा दिया
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-13
अब तक आपने पढ़ा था कि शादी के माहौल में मेरे मौसेरे भाई निहाल ने मेरे साथ हरकत करनी शुरू कर दी थी. उधर अचानक लाइट चले जाने से उसने मेरे लहंगे में घुस कर मेरी पेंटी उतार दी और मेरी चूत चाटने लगा.
मैंने उत्तेजना में वहां बीती मेरी बहन की सहेली रंजना दीदी के सीने पर हाथ रख कर उनके दूध दबा दिए.
अब आगे..
मैंने उत्तेजना में वहां बीती मेरी बहन की सहेली रंजना दीदी के सीने पर हाथ रख कर उनके दूध दबा दिए.
अब आगे..
मैं बोली- दीदी, आपका ऐसे माहौल में मन नहीं करता क्या?
वो बोली- हट पगली.
मैं- सच बताओ ना.. मेरा तो कर रहा है.
तो रंजना दीदी बोली- बहुत मन कर रहा है.. तो तू जा किनारे में चली जा.. अंधेरा भी है, मिल ले किसी से.
मैं बोली- हां दीदी, लग तो ऐसा ही रहा है कि चली जाऊं. पर अकेले नहीं, आप भी चलो न.
वो बोली- चल हट सोनू तू भी ना, चुपचाप खड़ी रह.
तो मैं बोली- दीदी अंधेरा भी है.. आजकल तो लड़की लड़की भी आपस में थोड़ा बहुत काम चला लेती हैं. आपको कोई दिक्कत तो नहीं है?
वह हंस दी, तो मुझे सपोर्ट मिल गया. मैं बोली- दीदी कुछ दिक्कत हो तो मुझे बता देना.
तो रंजना दीदी बोली- अरे नहीं पगली, तेरे लिए थोड़ा बहुत तेरे सुकून के लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हूं. तू सहेली और बहन की तरह है, जो तुझे अच्छा लगे करती रह … मुझे दिक्कत नहीं है.
वो बोली- हट पगली.
मैं- सच बताओ ना.. मेरा तो कर रहा है.
तो रंजना दीदी बोली- बहुत मन कर रहा है.. तो तू जा किनारे में चली जा.. अंधेरा भी है, मिल ले किसी से.
मैं बोली- हां दीदी, लग तो ऐसा ही रहा है कि चली जाऊं. पर अकेले नहीं, आप भी चलो न.
वो बोली- चल हट सोनू तू भी ना, चुपचाप खड़ी रह.
तो मैं बोली- दीदी अंधेरा भी है.. आजकल तो लड़की लड़की भी आपस में थोड़ा बहुत काम चला लेती हैं. आपको कोई दिक्कत तो नहीं है?
वह हंस दी, तो मुझे सपोर्ट मिल गया. मैं बोली- दीदी कुछ दिक्कत हो तो मुझे बता देना.
तो रंजना दीदी बोली- अरे नहीं पगली, तेरे लिए थोड़ा बहुत तेरे सुकून के लिए तो मैं कुछ भी कर सकती हूं. तू सहेली और बहन की तरह है, जो तुझे अच्छा लगे करती रह … मुझे दिक्कत नहीं है.
तभी मेरी चुत में निहाल ने अपनी उंगली भी घुसा दी, तो मैं रंजना दीदी के गालों में किस करने लगी और उनके मुँह में अपने हाथ की उंगली डालने लगी. मैंने रंजना के मुँह में अन्दर उंगली डाल दी. वह मेरी उंगली चूसने लगी, पर मुझे बोली कि सोनू कोई देख ना ले… ध्यान देना, जैसे ही लाइट आ जाए, तो यह सब बंद कर देना.
मैं बोली- जी दीदी.
मैं बोली- जी दीदी.
इतने में वहां जोर जोर से निहाल मेरी चूत को बहुत तेजी से चाटे जा रहा था. मैं ‘उंह … उंहहह …’ किये जा रही थी. मैंने अपना एक हाथ रंजना दीदी के सीने में लगा दिया. उनके मुँह में एक उंगली पहले ही डाली हुई थी. अब तो मैं उनके दूध भी दबाने लगी. वह भी शायद गर्म हो रही थी.
इतने में मैं बहुत अलग तरीके से हांफने लगी, तो रंजना दीदी कान में बोली- सोनू, तू तो बहुत सेक्सी लड़की है. मेरा भी मूड खराब कर दिया तूने … चल तुझसे बाद में मिलूंगी.
मैं बोली- हां दीदी.
मैं बोली- हां दीदी.
मैं उनकी कुर्सी में कंधे तरफ झुक गई. मुझसे अब खड़े नहीं हुआ जा रहा था. तभी निहाल ने मेरी गांड में पीछे से एक उंगली को डाल दिया और एक उंगली मेरी चूत में पेल दी. अब मेरी गांड और चूत दोनों में निहाल ने एक एक उंगली घुसा दी थी और वो अन्दर बाहर करने में लगा था. उसने अंधेरे का पूरा फायदा लिया.
मुझसे रहा भी नहीं जा रहा था तो मैंने कुर्सी में बैठी रंजना दीदी की गर्दन थोड़ा सा घुमा के उनके होंठों को अपने होंठों से चूमने लगी.
मुझसे रहा भी नहीं जा रहा था तो मैंने कुर्सी में बैठी रंजना दीदी की गर्दन थोड़ा सा घुमा के उनके होंठों को अपने होंठों से चूमने लगी.
रंजना दीदी बोली- अरे छोड़ मरवाएगी क्या सोनू … लाइट आ जाएगी, कोई देखेगा तो क्या कहेगा.
मैं बोली- कुछ नहीं होगा दीदी.
मैं उनके होंठों को चूसती जा रही थी और उनके दूध भी दबाए जा रही थी.
मैं बोली- कुछ नहीं होगा दीदी.
मैं उनके होंठों को चूसती जा रही थी और उनके दूध भी दबाए जा रही थी.
इधर अब निहाल मुझ पर बिल्कुल झुक कर चढ़ गया था. उसने मेरे लहंगा को ऊपर किया और अपनी पेंट की जिप खोल कर मेरे ऊपर हल्का सा चिपक गया. उसने उंगली से मेरी गांड में थूक लगा कर कुछ चिकना सा किया और कमर पकड़ के जोर से लंड दबा दिया. उसका लंड थोड़ा सा घुसा था, तो मैं बिल्कुल रंजना दीदी से लिपट गई और कान में बोली- दीदी बहुत मन कर रहा है कि कोई अन्दर कर दे. कोई आपका आशिक तो यहां होगा ही.
वह बोली- हां है तो … पर अभी कुछ नहीं हो सकता. बस तू अभी ऐसे ही कंट्रोल कर ले.
वह बोली- हां है तो … पर अभी कुछ नहीं हो सकता. बस तू अभी ऐसे ही कंट्रोल कर ले.
मैं बोली- नहीं हो रहा दीदी, क्या करूं … आप ही बताओ. चलो यहां से अपन दोनों चलते हैं.
रंजना बोली- अभी नहीं … बैठ जा पगली तू तो बिल्कुल पागल हुई जा रही है.
मैं बोली- हां दीदी, मेरा मन बहुत हो रहा है … क्या करूं.
रंजना बोली- अभी नहीं … बैठ जा पगली तू तो बिल्कुल पागल हुई जा रही है.
मैं बोली- हां दीदी, मेरा मन बहुत हो रहा है … क्या करूं.
इतने में निहाल ने मेरी गांड में और जोर से धक्का दे दिया. उसका आधे से ज्यादा लंड मेरी गांड में घुस गया और मैंने चीख मार दी.
तब दीदी मुझसे बोली- अरे तुझे क्या हुआ … ऐसा लगता है कि जैसे कोई ने अन्दर डाल दिया हो?
मैं बोली- हां दीदी, ऐसा ही समझ लो.
वो बोली- पगली, चल तुझे मैं यहीं इंज्वाय करवा दूंगी, पर आज नहीं शादी के बाद.
मैं बोली- ठीक है. दीदी तब तक तुम से ही मजे ले लेती हूं.
तो दीदी हंस दी.
तब दीदी मुझसे बोली- अरे तुझे क्या हुआ … ऐसा लगता है कि जैसे कोई ने अन्दर डाल दिया हो?
मैं बोली- हां दीदी, ऐसा ही समझ लो.
वो बोली- पगली, चल तुझे मैं यहीं इंज्वाय करवा दूंगी, पर आज नहीं शादी के बाद.
मैं बोली- ठीक है. दीदी तब तक तुम से ही मजे ले लेती हूं.
तो दीदी हंस दी.
इतने में निहाल ने मेरी कमर पकड़ के और जोर से लंड घुसाया, तो मैं फिर से चीख उठी. उधर शोर इतना ज्यादा था कि दूसरों को सुनाई नहीं देता था.
मैं दीदी से बोली- दीदी, बहुत दर्द हो रहा है.
तो बोली- अरे सोनू, बिना घुसाए ही?
मैं बोली- हां ऐसे ही करवाने वाला दर्द हो रहा है.
मैं दीदी से बोली- दीदी, बहुत दर्द हो रहा है.
तो बोली- अरे सोनू, बिना घुसाए ही?
मैं बोली- हां ऐसे ही करवाने वाला दर्द हो रहा है.
अब निहाल मेरी गांड में अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा था. मुझे दर्द हो रहा था, पर मैं बर्दाश्त किए जा रही थी. तभी निहाल ने सोचा कि मेरी चूत में कैसे डालूं.. तो उसने मेरे कान की तरफ अपनी गर्दन कर दी और बहुत धीरे से बोला, जिससे रंजना को ना सुनाई दे- सोनू, मुझे तेरी चूत में भी डालना है. सोनू कुछ पोजिशन बना दे यार … बहुत मन कर रहा है.
मैं धीरे से बोली- ऐसे ही कर ले … कहीं किसी को पता चल गया तो बवाल हो जाएगा.
निहाल बोला- किसी को कुछ पता नहीं चलेगा. बस तू थोड़ा सा हिम्मत कर ले … बहुत अंधेरा और शोर शराबा है, तू चिंता नहीं कर बस साथ दे.
मैं बोली- ठीक है … लगा … किसी को पता ना चले.
मैं धीरे से बोली- ऐसे ही कर ले … कहीं किसी को पता चल गया तो बवाल हो जाएगा.
निहाल बोला- किसी को कुछ पता नहीं चलेगा. बस तू थोड़ा सा हिम्मत कर ले … बहुत अंधेरा और शोर शराबा है, तू चिंता नहीं कर बस साथ दे.
मैं बोली- ठीक है … लगा … किसी को पता ना चले.
मैंने थोड़ा पैर फैलाए और झुक कर उसके कान में बोली- हां डाल दे … अब तो घुस जाएगा न?
निहाल बोला- ठीक है, मैं कोशिश करता हूँ.
निहाल बोला- ठीक है, मैं कोशिश करता हूँ.
उसने बिल्कुल आराम से मेरी चूत पर हाथ रख कर अपने लंड को अपने हाथों से पकड़ कर मेरी चूत में पूरी तरह फिट करके अपना लौड़ा मेरी चूत में डाल दिया. लंड घुसा तो मैं अपनी आदत के अनुसार फिर जोर से चीख पड़ी. पर चूत गीली हो गई थी, तो सट से लौड़ा अन्दर हो गया.
अब मैं दीदी के दूध जोर जोर से दबाने लगी. उधर निहाल मेरी चूत में अपना लंड अन्दर तक डाले जा रहा था. वो भी बहुत जोर जोर से चुदाई कर रहा था. मेरा और जोर जोर से लंड घुसवाने का और चूत रगड़वाने का मन करने लगा.
मैं उछल रही थी कि इतने में एकदम से लाइट आ गई और निहाल ने झट से अपना लंड निकाल लिया, पर निकालते निकालते थोड़ी देर हो गई या बगल में जो लड़के खड़े थे, उन दोनों लड़कों ने जल्दी से खेल देख लिया. वो निहाल से बोले- अभी क्या कर रहा था. इतने लोगों के बीच में भी तेरे से कंट्रोल नहीं हुआ? कौन है यह लड़की तेरी सैटिंग है क्या?
तब तक मेरा लहंगा ऊपर को ही था. उसने जल्दी से लहंगे को नीचे गिराया. मैंने भी नीचे कर लिया. मैं तो अब बिल्कुल ऐसे खड़ी हो गई कि उन लड़कों को मेरा मुँह ना दिखे, ना वह जान पाएं कि मैं कौन हूं.
मेरे लहंगा चोली का जो दुपट्टा था, उसे भी सर में जल्दी से डाल लिया और सीधी हो गई थी. मैंने लाइट आते ही रंजना दीदी को भी छोड़ दिया था.
मेरे लहंगा चोली का जो दुपट्टा था, उसे भी सर में जल्दी से डाल लिया और सीधी हो गई थी. मैंने लाइट आते ही रंजना दीदी को भी छोड़ दिया था.
इधर निहाल उन दोनों लड़कों से बोला- कुछ नहीं यार ऐसे ही … मुझे नहीं पता तुम लोग भी बस यही ताक झांक करते हो, जाओ उधर सामने द्वारपूजा देखो.
तो वह दोनों लोग बोले- अभी तू तो लगता है इसकी ठोक रहा था.. ठीक है बेटा कोई बात नहीं.. मजे कर ले.. पर साले अकेले-अकेले करेगा क्या.. तू हम से छोटा है.. कभी बड़ों को भी पूछ लेता. कहते हैं कि जो भी करो, मिल बांटकर करो, मिल बांट कर खाओ.. तो ज्यादा आनन्द आता है. निहाल साले, तेरी बहन की शादी है. तू वहां बारात की स्वागत में नहीं जा रहा … यहां सैटिंग के साथ जमावट जमा रहा है.
तो वह दोनों लोग बोले- अभी तू तो लगता है इसकी ठोक रहा था.. ठीक है बेटा कोई बात नहीं.. मजे कर ले.. पर साले अकेले-अकेले करेगा क्या.. तू हम से छोटा है.. कभी बड़ों को भी पूछ लेता. कहते हैं कि जो भी करो, मिल बांटकर करो, मिल बांट कर खाओ.. तो ज्यादा आनन्द आता है. निहाल साले, तेरी बहन की शादी है. तू वहां बारात की स्वागत में नहीं जा रहा … यहां सैटिंग के साथ जमावट जमा रहा है.
यही बातें वह सब आपस में कर रहे थे. मेरे कान उनकी तरफ ही थे. मैंने सोची कि कहीं ज्यादा गड़बड़ नहीं हो गई हो.
फिर वे लोग बोले- चल जा … कोई बात नहीं निहाल जवान है, यह सब तो चलता ही रहता है.
फिर वे लोग बोले- चल जा … कोई बात नहीं निहाल जवान है, यह सब तो चलता ही रहता है.
करीब 5 मिनट माहौल में सब चुपचाप और शांत रहा. उसके बाद फिर से मेरे लहंगे के ऊपर से कुछ चुभने लगा. मैं समझ गई कि शायद उसी ने अपना लंड टिका दिया हो और अब दबाने लगा. मुझे तब लगा कि पीछे सब ठीक हो गया है. तो मैं अब पीछे देख ही नहीं रही थी. मुझे बस चुदास चढ़ी हुई थी. मेरी आधी चुदाई के बाद तो मुझमें जैसे आग लग जाती है. इस वक्त भी मुझे इतना जम के गर्मी और करवाने घुसवाने का मन हो रहा था कि जल्दी से बस कोई लंड डाल दे और रगड़ कर चुदाई करे.
तभी वह जम के मेरे पिछवाड़े में लहंगे के ऊपर से ही अपना लंड दबाने लगा और दबाते दबाते 2 मिनट के बाद मेरे कान में बहुत दबी सी आवाज में बोला कि उधर चल … बहुत जम के करेंगे.
पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी.
फिर वो फुसफुसा कर मेरे कान में बोला- यहां नहीं हो पाएगा.
मैं बहुत हल्के से बोली- जो करना है, यहीं करो.
पर मेरी हिम्मत नहीं हो रही थी.
फिर वो फुसफुसा कर मेरे कान में बोला- यहां नहीं हो पाएगा.
मैं बहुत हल्के से बोली- जो करना है, यहीं करो.
फिर इसके बाद तो उस का हाथ मेरे पीछे तरफ अपने आप मेरी कूल्हों में चलने लगा और उसका लंड भी दोनों चलने लगे. इतने में ही फिर से एक बार लाइट गोल हो गई.
लाइट गोल होते ही वह कान में बोला- अब यहीं डाल दूं? कुछ नहीं दिख रहा.
मैंने मुँह से बस इतना बोली कि ध्यान से करना.. कोई कैसे भी देख ना पाए.
लाइट गोल होते ही वह कान में बोला- अब यहीं डाल दूं? कुछ नहीं दिख रहा.
मैंने मुँह से बस इतना बोली कि ध्यान से करना.. कोई कैसे भी देख ना पाए.
तो उसने ये सुनते ही नीचे से मेरा लहंगा पकड़कर ऊपर उठाना शुरू किया और मुझसे धीरे से बोला- पूरा डॉगी स्टाइल में झुक जा.
मैं बोली- जल्दी से करना, वरना फिर लाइट आ जाएगी.
वो बोला- ठीक है.
मैं बोली- जल्दी से करना, वरना फिर लाइट आ जाएगी.
वो बोला- ठीक है.
उसने मेरे लहंगे को पूरा पीछे से कमर तक चढ़ाकर मेरे ऊपर लगभग चढ़ गया. उसने मेरी कमर में कस के हाथ लगा कर अपना लंड मेरी गांड के छेद में रख दिया और फिर मुझसे बोला कि अब संभल जा!
जैसे ही उसने मेरी गांड में अपना लौड़ा टच कराया, तो मुझे लगा कि इसका लंड तो अब और बड़ा हो गया है. मैंने धीरे से अपनी गांड पीछे की, तभी उसने जोर से मुझे पकड़ कर मेरी गांड में अपना लंड घुसा दिया. मैं इस झटके को सह न पाई और मैंने आगे कुर्सी में बैठी रंजना दीदी को जकड़ लिया. मुझे इतना तेज दर्द हुआ कि लगा कि प्राण निकल जाएंगे. बस मैं हमेशा की तरफ दर्द से चीख उठी.
जैसे ही उसने मेरी गांड में अपना लौड़ा टच कराया, तो मुझे लगा कि इसका लंड तो अब और बड़ा हो गया है. मैंने धीरे से अपनी गांड पीछे की, तभी उसने जोर से मुझे पकड़ कर मेरी गांड में अपना लंड घुसा दिया. मैं इस झटके को सह न पाई और मैंने आगे कुर्सी में बैठी रंजना दीदी को जकड़ लिया. मुझे इतना तेज दर्द हुआ कि लगा कि प्राण निकल जाएंगे. बस मैं हमेशा की तरफ दर्द से चीख उठी.
मेरी चीख सुनकर रंजना दीदी बोली- क्या हुआ सोनू .. तुझे कुछ चोट लगी क्या?
मैं बोली- नहीं दीदी, पता नहीं अन्दर क्या हो रहा है.
वह हंसकर बोली- तुझे बहुत गर्मी चढ़ गई है. मैं कल तेरा इलाज करवा दूँगी कि तू खुश हो जाएगी.
मैं बोली- नहीं दीदी, पता नहीं अन्दर क्या हो रहा है.
वह हंसकर बोली- तुझे बहुत गर्मी चढ़ गई है. मैं कल तेरा इलाज करवा दूँगी कि तू खुश हो जाएगी.
इसके बाद पीछे से एक और तेज झटका मेरी गांड में लगा. इसी झटके के साथ अब पूरा का पूरा लंड मेरी गांड में घुस गया. मैं एक बार फिर से उछल गई और फिर चीखी- उम्म्ह… अहह… हय… याह…
इस बार मैंने कसके कुर्सी सहित दीदी को जमके पकड़ लिया और उनके दूधों को जोर से अपने हाथों से दबा दिया.
अब रंजना दीदी बोली- सोनू आज तो मुझे भी लगता है कि तू मेरा नाइट फाल करा कर ही छोड़ेगी.
इस बार मैंने कसके कुर्सी सहित दीदी को जमके पकड़ लिया और उनके दूधों को जोर से अपने हाथों से दबा दिया.
अब रंजना दीदी बोली- सोनू आज तो मुझे भी लगता है कि तू मेरा नाइट फाल करा कर ही छोड़ेगी.
इधर मैं अपनी गांड के दर्द को बहुत तेजी से दबा रही थी. उधर पीछे उसका लौड़ा मेरी गांड में बड़ी तेजी से अन्दर बाहर होने लगा. इतने में गैस की लाइट लिए मुझे हाथ में निहाल जाते दिखा और उसके साथ एक बड़ी सी ट्रे में नाश्ता लिए अंकित दिखा.
मैं उन दोनों को देख कर एकदम से शाक्ड हो गई कि ये निहाल तो सामने जा रहा है और अंकित भी, फिर यहां मेरी चुदाई कौन कर रहा है. मेरी इतनी भी हिम्मत नहीं हुई कि मैं देख सकूं कि कौन है. वह लगातार पीछे लंड अन्दर बाहर किए जा रहा था.
अब तो वो मुझे जोर जोर से चोदने लगा था. मेरा दर्द भी लगभग गायब हो चुका था. मैं लंड के मजे लेते हुए सोचने लगी और दिमाग लगाया कि ये लगता है वही है, जिसने मेरा थोड़ा सा लहंगा उठा और मुझसे चिपके हुए निहाल को देख लिया था और फिर उसने निहाल से बहस भी की थी.
ये शायद वही है.
ये शायद वही है.
फिर मैंने सोचा कि लेकिन वे दो-तीन लोग निहाल से एक साथ बहस कर रहे थे. क्या इसके बाद वे भी मुझे चोदने की लाइन लगा कर खड़े हैं. पर मुझे उस समय उन बातों से कुछ लेना देना नहीं रहा और मैं भूल भी गई. बस मजा लेने लगी.
जो मैंने सोचा था वही हुआ भी. अगले ही पल मेरे बगल से एक और लड़का मुझसे चिपक गया और मेरे कान में बोला कि मैं अपने मोबाइल की टॉर्च लगा रहा हूं, मुझे बस तेरा चेहरा भर देखना है. मेरे दोस्त का लंड कैसा लग रहा है, बता दे रानी. इसके बाद मुझे भी चोदना है.
जो लौंडा मेरी गांड में लंड डाले मेरी चुदाई कर रहा था, वह भी मेरी पीठ के तरफ से आगे को हुआ और बोला- एक बार अपना चेहरा दिखा दे. बस तुझे देख लूं कि तू दिखती कैसी है और मैं किस की गांड मार रहा हूं.
जो लौंडा मेरी गांड में लंड डाले मेरी चुदाई कर रहा था, वह भी मेरी पीठ के तरफ से आगे को हुआ और बोला- एक बार अपना चेहरा दिखा दे. बस तुझे देख लूं कि तू दिखती कैसी है और मैं किस की गांड मार रहा हूं.
उधर इतना ज्यादा अंधेरा और भीड़ थी कि न कुछ दिख रहा था, न कुछ सुनाई दे रहा था. उन लड़कों के पीछे सिर्फ दीवार थी, तो मैंने हिम्मत की और थोड़ा सा अपनी मुंडी घुमा दी.
उस दूसरे लड़के ने बगल से टॉर्च को मेरे चेहरे में लगा दिया और मेरा चेहरा देखते ही दोनों मस्त हो गए, वे मुझे एकटक घूरते रहे.
उस दूसरे लड़के ने बगल से टॉर्च को मेरे चेहरे में लगा दिया और मेरा चेहरा देखते ही दोनों मस्त हो गए, वे मुझे एकटक घूरते रहे.
फिर एक बोला- वाह, तू तो विश्व सुंदरी की तरह है.. साली तू तो सनी लियोनि की भी छुट्टी कर दे.. इतनी मस्त और सुंदर माल है.. पर तू दिखती बहुत छोटी है.. पर यार बहुत गजब का माल है. निहाल ने तुझे सही पटाया है. तू पहले नहीं दिखी.. कहां की है?
वो यही सब बोलने लगे. फिर मेरे कान में धीरे से पूछने लगे- अपना नाम बता दे रानी.
मैंने भी धीरे से नाम अपना वन्द्या बता दिया.
वे बोले- ले साली हमको भी देख ले.
वो यही सब बोलने लगे. फिर मेरे कान में धीरे से पूछने लगे- अपना नाम बता दे रानी.
मैंने भी धीरे से नाम अपना वन्द्या बता दिया.
वे बोले- ले साली हमको भी देख ले.
मैंने आंखें उठाई, उन्होंने टॉर्च को अपने चेहरे की तरफ घुमाया, तो मैंने देखा कि जो लड़का मेरी गांड में लंड घुसाए हुए था और मेरी गांड की चुदाई कर रहा था वह करीब 30 से 35 साल का पूरा आदमी था और जो बगल से था, वो एक जवान लौंडा था उसकी उम्र यही कोई बीस साल के करीब थी.
मैं बहुत पागल हो रही थी और मजा भी बहुत आ रहा था. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.
मैं बहुत पागल हो रही थी और मजा भी बहुत आ रहा था. मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था.
तभी वह 20 साल वाला लड़का अपने साथी से मुखातिब हुआ, जो मेरी गांड में लंड अन्दर डाले हुए था. वो उससे बोला- भैया … अब मुझसे नहीं जा रहा … मैं क्या करूं?
तो वह बोला- अबे तू नीचे बैठ जा और इसके सामने तरफ घुस के, तब तक इसके नीचे के मजे ले ले. अभी किसी को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है, इस बात का फायदा उठा ले, जब लाइट आएगी तो उठ जाना.
तो वह बोला- अबे तू नीचे बैठ जा और इसके सामने तरफ घुस के, तब तक इसके नीचे के मजे ले ले. अभी किसी को कुछ दिखाई नहीं दे रहा है, इस बात का फायदा उठा ले, जब लाइट आएगी तो उठ जाना.
यह सुनकर बीस साल वाला लड़का कुर्सी और मेरे पैरों के बीच में नीचे बैठ गया. उसने सामने तरफ से मेरे लहंगे को हल्का ऊपर किया और अन्दर घुस गया. उसने अपना मुँह सीधे मेरी चूत में रख दिया और अपनी जीभ से चूत चाटने लगा.
मैं बिल्कुल उछली जा रही थी, पीछे से गांड में लंड घुसाए हुए वो तीस साल वाला जोर से धक्का मार रहा था. उसके धक्के से मैं हिल जाती, तो बीस साल वाला लड़का मेरी नीचे को झुकती चूत को चाटने लगता. उसका सर कुर्सी में टकरा जा रहा था, तब भी पर वह मुझे पकड़े हुए मेरी चूत को चाटे जा रहा था.
मुझसे अब बिल्कुल नहीं रहा जा रहा था. पीछे वाला भी पागल सा हो रहा था. उसने बोला- साली तू तो गजब की मस्त चुदक्कड़ है.. बता तो, कब से चुदवा रही है.. तुझे मैं आज बहुत देर तक चोदूंगा.. भगवान करे लाइट आए ही नहीं.
ऐसा कहते हुए उसने मुझे और तेज जकड़ा और पीछे से पकड़ कर मेरी गांड से लिपटने लगा. वह एकदम बेकाबू हो रहा था. उसने मेरी गांड में लंड डाले हुए आने हाथ आगे बढ़ाए और मेरी चोली के ऊपर से ही मेरे दूधों को पकड़ कर जोर जोर से दबाने लगा. मैं भी रंजना दीदी के दूधों को जोर जोर से दबाने लगी और रंजना दीदी के होंठों को भी चूमने लगी.
मैं रंजना दीदी से बोली- दीदी कुछ भी करो.. मेरा बहुत मन हो रहा है. चलो आपकी मैं चूत चाट लूं.. मेरा बहुत मन कर रहा है.
तो रंजना दीदी बोली- अरे सोनू पागल हो गई क्या तू.. तुझे क्या हो गया?
मैं बोली- वो सब मैं बाद में बताऊंगी अभी मुझे कुछ करो. पता नहीं क्या हो रहा है, मेरा बहुत मन हो रहा है.
तो दीदी बोली- सोनू कंट्रोल कर यार … नहीं तो तू पीछे चली जा, उधर कई जेंट्स हैं.. किसी को लेकर किसी कोने में लंड लगवा ले.
मैं बोली- ऐसे नहीं जा सकती … तुम चलो दीदी.
तो वह बोली- मैं आज नहीं निकल सकती. हां, कल सब तेरा इंतजाम करा दूंगी.
तो रंजना दीदी बोली- अरे सोनू पागल हो गई क्या तू.. तुझे क्या हो गया?
मैं बोली- वो सब मैं बाद में बताऊंगी अभी मुझे कुछ करो. पता नहीं क्या हो रहा है, मेरा बहुत मन हो रहा है.
तो दीदी बोली- सोनू कंट्रोल कर यार … नहीं तो तू पीछे चली जा, उधर कई जेंट्स हैं.. किसी को लेकर किसी कोने में लंड लगवा ले.
मैं बोली- ऐसे नहीं जा सकती … तुम चलो दीदी.
तो वह बोली- मैं आज नहीं निकल सकती. हां, कल सब तेरा इंतजाम करा दूंगी.
अब तक मेरे पीछे का पूरा दर्द गायब हो चुका था. वह जोर-जोर से मेरे अन्दर डाले हुए था. इतने में फिर से पता नहीं कैसे उधर से निहाल आ गया और वह जो मेरी गांड में लंड डाले हुए था, उससे बोला- अरे भैया तुम यह सब क्या कर रहे हो. ये गलत बात है, यह मेरी बहन है.
मुझे सुनाई देने लगा तो वह जो डाले हुए था, बिना लंड निकाले ही बोला- साले तू अभी थोड़ी देर पहले अपनी इसी बहन की गांड मार रहा था. और अब मुझे बोल रहा है भोसड़ी के कि ये गलत है.
निहाल चुपचाप खड़ा हो गया.
निहाल चुपचाप खड़ा हो गया.
वो लंड पेलते हुए बोला- मेरा बस थोड़ी देर में काम हो जाएगा, फिर तू ले जाना अपनी बहन को … साले मुझे चूतिया बनाता है.
उसने अपना लंड नहीं निकाला. इतने में लाइट फिर से आ गई और वह जो नीचे लड़का चूत चाट रहा था, वह झट से बाहर निकल आया.
उसने अपना लंड नहीं निकाला. इतने में लाइट फिर से आ गई और वह जो नीचे लड़का चूत चाट रहा था, वह झट से बाहर निकल आया.
निहाल ने उसको एक तमाचा मार दिया और बोला- साले कहां घुसा था तू? इतना छोटा है फिर भी मौके का फायदा उठा लिया.
वह निहाल से भी छोटा था और इतने में वह लड़का, जो मेरी गांड को चोद रहा था उसने भी जल्दी से अपना लंड निकाल लिया. मेरा लहंगा भी नीचे हो गया. इस बार और कोई मुझे चुदते हुए नहीं देख पाया था.
अब लाइट बराबर थी, पर मैं बिल्कुल पागल हो रही थी. उस लड़के ने बहुत तेजी से चाट चाट के चूत को गीली कर दिया और एक ने पीछे मेरी गांड में लंड डाला था. अब मेरा चुदाई का बहुत मन करने लगा. मेरा मूड खतरनाक बन गया था. थोड़ी देर में द्वारपूजा भी खत्म हो गई और अब जयमाल की तैयारी हो रही थी.
उधर एक जगह जहां डीजे लगा था, सभी लड़कियां बोलीं- चलो डांस करते हैं.
सब लड़कियां बुआ लोग सब लोग वहां पर पहुंच गईं. मैं भी उधर आ गई. कुछ जेंट्स भी नाच रहे थे. मैंने देखा कि कई जेंट्स बस मेरी तरफ ही घूर रहे थे.
सब लड़कियां बुआ लोग सब लोग वहां पर पहुंच गईं. मैं भी उधर आ गई. कुछ जेंट्स भी नाच रहे थे. मैंने देखा कि कई जेंट्स बस मेरी तरफ ही घूर रहे थे.
इतने में राज अंकल फिर फोन लेकर मुझे ढूंढते आए. वे बोले- सोनू ले तेरा कॉल … वही भैया वाला.
तो मैं बोली- दीजिए.
तो मैं बोली- दीजिए.
मैंने मोबाइल ले लिया. फोन पर दूसरी तरफ वही मानिकपुर के स्टोर वाले थे. वे मुझसे बोले- वन्द्या हम लोग आ चुके हैं. तुम किधर हो? दो लोग अन्दर आ रहे हैं.. और दो दोस्त कार में बाहर बैठे हैं. जो विदेशी नीग्रो आए हैं, वे ही कार में बैठे हैं. तुम यह बताओ कि कितनी देर में निकल चलोगी?
मुझे भारी चुदास चढ़ी हुई थी तो न जाने कैसे मैंने एकदम से बोल दिया- अन्दर आ जाओ … मैं डीजे के पास दिख जाऊंगी. फिर जैसा भी होगा मैं बताती हूं.
मुझे भारी चुदास चढ़ी हुई थी तो न जाने कैसे मैंने एकदम से बोल दिया- अन्दर आ जाओ … मैं डीजे के पास दिख जाऊंगी. फिर जैसा भी होगा मैं बताती हूं.
जैसे ही वे लोग आए, मैंने उन्हें देखकर एकदम से हाथ हिला दिया. मुझे थोड़ी सी खुशी भी हुई कि चलो चूत की खुजली मिटाने वाले मिल गए. इस वक्त मेरा मन हो ही रहा था और मैं बिना लंड के रह ही नहीं पा रही थी. क्योंकि अभी थोड़ी देर पहले ही मुझे अधूरा थोड़ा करके छोड़ दिया गया था.
मैंने सोचा कि कैसे भी नजर बचाकर थोड़ी देर के लिए उनके साथ चली जाऊंगी और इनसे चुदने में भी क्या जाता है. इनसे पहले भी मिली हुई तो हूं ही. ये अजनबी तो हैं नहीं.
तभी वह स्टोर वाला लड़का डीजे के पास आया. मैंने उसे देख लिया उसके साथ एक लंबा हैंडसम लड़का शेरवानी सूट में था. मैं समझ गई कि यही वह उसके बड़े सेठ का लड़का है. वो मुझे अच्छा लगा. मैं इसके बाद उसकी तरफ जाकर थोड़ा पास में को खड़ी हो गई ताकि वह बात कर सके.
वह स्टोर वाला मुझको बोला- देखो सामने हमारी बड़ी सी गाड़ी फॉर्च्यूनर खड़ी है. यह जो मेरे बगल से खड़े हैं यही हमारे मालिक के बेटे हैं. बहुत ही रईस लोग हैं.
मैंने उस सेठ के लौंडे की तरफ देखा तो उसी ने उनको मेरे बारे में बताना शुरू कर दिया कि यही वह लड़की है, जो उस दिन स्टोर पर मिली थी और मैंने आपको इसी की फोटो दिखाई थी.
मैंने उस सेठ के लौंडे की तरफ देखा तो उसी ने उनको मेरे बारे में बताना शुरू कर दिया कि यही वह लड़की है, जो उस दिन स्टोर पर मिली थी और मैंने आपको इसी की फोटो दिखाई थी.
तो इस पर वह उस स्टोर वाले से बोला- नहीं ये वो लड़की नहीं है. यह तो कयामत माल है, तुमने जो फोटो दिखाया था, ये तो उससे लाख गुना ज्यादा मस्त माल है. इसके लिए तो हम कुछ भी कर देंगे. तुम बस इससे बात करो और लेकर आओ.. मैं गाड़ी पर तरफ चलता हूं.
कमसिन जवानी की चुदाई के वो पन्द्रह दिन-12
This summary is not available. Please
click here to view the post.
Post Top Ad
Your Ad Spot

